उत्तराखण्ड
रेंजर मुकुल शर्मा सेवानिवृत्त, झोड़ा गायन के साथ दी गई भावभीनी विदाई.
40 साल की सेवा के बाद रेंजर मुकुल शर्मा सेवानिवृत्त, झोड़ा गायन के साथ दी गई भावभीनी विदाई
हल्द्वानी। अपनी कार्यकुशलता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से विभाग और समाज में विशेष पहचान बनाने वाले वन क्षेत्राधिकारी मुकुल शर्मा को शनिवार को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। वन विभाग में 40 वर्षों की सेवा पूर्ण करने पर आयोजित समारोह में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि मुकुल शर्मा ने अपने कार्यकाल में न केवल जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया, बल्कि विभाग और आम जनता के बीच सेतु का कार्य भी किया। उनकी सादगी, व्यवहार कुशलता और जनहित के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कार्यक्रम में आनंद प्रकाश, अभय जोशी सहित वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों में पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख हिमांशु पांडे, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज चनियाल, मनमोहन सिंह, वन सरपंच चंद्रा आर्या, कमलेश जीना और रानी कोटलिया सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय लोगों ने उनके व्यवहार और कार्यशैली की सराहना की। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक झोड़ा गायन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग भी दिया गया। उपस्थित लोगों ने मुकुल शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में मुकुल शर्मा ने कहा कि वे आगे भी समाज और जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। भावुक माहौल के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां सभी ने उनके जनहित में किए गए कार्यों को याद किया। उपस्थित लोगों ने मुकुल शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट कर उनके सुखद और स्वास्थ्यवर्धक भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त होने पर मुकुल शर्मा ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि राजकीय सेवा से भले ही आज निवृत्त हो रहा हूं, लेकिन जनता की सेवा का मेरा संकल्प निरंतर जारी रहेगा। मैं आगे भी सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों के बीच उपस्थित रहूंगा।