उत्तराखण्ड
मकर संक्रांति पर संकल्प: कुमाऊनी भाषा ही हमारी पहचान, नीरज तिवारी।
हल्द्वानी:
मकर संक्रांति पर संकल्प: कुमाऊनी भाषा ही हमारी पहचान — नीरज तिवारी
मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी नीरज तिवारी ने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से कुमाऊँ की जनता से कुमाऊनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की अपील की।
नीरज तिवारी ने कहा कि हमें कुमाऊनी भाषा को अधिक से अधिक बोलने और नई पीढ़ी को कुमाऊनी सिखाने का भरसक प्रयास करना चाहिए, ताकि हम अपनी मातृभाषा का संरक्षण कर सकें। उन्होंने कहा कि भाषा ही हमारी पहचान होती है, और जब भाषा कमजोर होती है तो समाज की पहचान भी संकट में पड़ जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि केवल भाषा ही नहीं, बल्कि हमें अपने कुमाऊनी देवी-देवताओं, उनकी पूजा-पद्धति, रीति-रिवाजों, लोककथाओं और उनकी वास्तविक ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को भी समझना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना होगा।
नीरज तिवारी ने कहा कि मकर संक्रांति का यह शुभ अवसर हम सभी को यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम अपनी कुमाऊनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को सहेजेंगे और उन्हें विलुप्त नहीं होने देंगे। यही इस पर्व की सच्ची भावना और सामाजिक जिम्मेदारी है।