उत्तराखण्ड
दूषित पानी का वीडियो वायरल होने के बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने नालियों से जा रहे कनेक्शनों की जांच की।
हल्द्वानी में घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के लिए सरकार करोड़ों की योजनाएं बना रही है लेकिन शहर में लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं। वार्ड-14 टनकपुर रोड में नलों में मटमैला पानी आ रहा है। इस वार्ड में अधिकतर लोग गरीब और मजदूर वर्ग के हैं।
शहर में करीब 40 साल पुरानी पेयजल लाइनों से आपूर्ति हो रही है। जीर्णशीर्ण हो चुकी इन लाइनों से अब दूषित पानी घरों तक पहुंचा रहा है। इससे बुजुर्गों और बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। जल संस्थान की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों राजपुरा और गांधीनगर में भी इस तरह की समस्या सामने आ चुकी है।
वीडियो वायरल होते ही दौड़े-दौड़े पहुंचे अफसर
शुक्रवार की सुबह दूषित पानी का वीडियो वायरल होने के बाद जल संस्थान के एई रवींद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नालियों से जा रहे कनेक्शनों की जांच की। एई ने बताया कि जांच के दौरान कुछ उपभोक्ताओं के कनेक्शन टूटे मिले हैं। उन्हें ठीक किया गया है। राजपुरा में सीवरेज कार्य के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। यही लाइन टनकपुर रोड वार्ड में भी जाती है। संभवत इसी वजह से मटमैला पानी आ रहा होगा।
गौला वाली लाइन में लगातार गंदा पानी आ रहा है। इससे दुर्गंध भी आ रही है। इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। – कमल सिंह रौतेला
नलों में गंदा पानी आ रहा है। बीमारी न हो इसलिए पानी को उबालकर पी रहे हैं। जर्जर हो चुकी लाइनों को बदला जाना चाहिए।
पहले तो पानी नहीं आता जब आता भी है तो साफ नहीं। बच्चे समय से स्कूल नहीं जा पाते, कपड़े धोने और नहाने जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। –
टनकपुर रोड क्षेत्र में दो ट्यूबवेलों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस पानी में कोई शिकायत नहीं है। गौला वाली लाइन को चेक कराया जा रहा है। नई लाइन का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं।