उत्तराखण्ड
लाइसेंसी की शस्त्र धारण करने की उपयुक्तता और जन सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय की कार्रवाई।
जन सुरक्षा के मद्देनजर शिवराम का शस्त्र लाइसेंस निरस्त
लाइसेंसी की शस्त्र धारण करने की उपयुक्तता और जन सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय की कार्रवाई
नैनीताल। जन सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंसधारक की शस्त्र धारण करने की उपयुक्तता को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, नैनीताल ने शिवराम पुत्र स्व. पूरनराम, निवासी बबियाड़, तहसील धारी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
प्रकरण के अनुसार, शिवराम के पुत्र द्वारा उनके लाइसेंसी बंदूक में अनधिकृत तरीके से बारूद भरकर वादी पर फायर किया गया, जिससे वादी को उपहति कारित हुई। मामले की पुलिस जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने प्रकरण का परीक्षण करते हुए शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य शस्त्रों के दुरुपयोग की आशंका को रोकना तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शस्त्र लाइसेंस जारी रहने की उपयुक्तता का आकलन करते समय जन सुरक्षा को महत्वपूर्ण आधार मानते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने यह निर्णय लिया।